दिल्ली में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की तीन दिवसीय बैठक का पहले दिन का कार्यक्रम
दिल्ली के राजेन्द्र प्लेस स्थित आर्य समाज मंदिर में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के पहले दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार को आंदोलन के संयोजक वासवराव पाटिल, प्रख्यात किसान नेता शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्का और वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
बैठक के दौरान कर्नाटक से आए सीपी माधवन ने कहा कि “पंचायत के माध्यम से बड़ा से बड़ा कार्य किया जा सकता है।” उन्होंने बताया कि पंचायत के माध्यम से 60 तालाबों का निर्माण सफलतापूर्वक कराया गया है। श्री माधवन ने इस बात पर बल दिया कि कार्यों के प्रति लगन, सही दिशा और समय पर मेहनत से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर संगठन के संयोजक वासवराव पाटिल ने के.एन. गोविंदाचार्य जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारा मकसद गोल से है, जरूरी नहीं कि वह गोल मेरे द्वारा ही पूरा हो। सही दिशा में सभी की जीत, सामूहिक जीत होती है।”
संगठन विस्तार पर बोलते हुए सुरेन्द्र सिंह विष्ट ने कहा, “यह बना हुआ संगठन नहीं है, बल्कि यह बन रहा संगठन है,” जो लगातार विकास और विस्तार की प्रक्रिया में है।
बैठक के प्रथम दिन देशभर के 11 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें राष्ट्रीय सह संयोजक अरुण सत्यमूर्ति, राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री विनय भूषण एवं गिरिराज गुप्ता ने अपने विचार रखे। बिहार से आए रूपेश कुमार सिंह ने बिहार की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि दिल्ली प्रदेश के कैलाश गोदुका ने जलाधिकार विषय पर बोलते हुए कहा कि “पानी का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए।”
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और संगठन की भावी रूपरेखा पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर राजा राम यादव, दिल्ली प्रांत की संयोजिका सुकरमा चौधरी, राजेश कुमार, राज नारायण, त्रिलोकी सिंह, कृष्णा कुमार शाश्वत, मनीष कुमार, मेराज अंसारी, सुनैना देवी, रश्मी सिंह, के.डी. सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।